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भारत जल्द ही आयरन युक्त बायो-फोर्टिफाइड आलू लॉन्च करेगा

भारत में पोषण की कमी से निपटने के लिए एक बड़ी पहल की जा रही है, जिसमें आयरन से समृद्ध बायो-फोर्टिफाइड आलू पेश किए जा रहे हैं। इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP) के सहयोग से शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों में आयरन की कमी को दूर करना है।

बायो-फोर्टिफाइड आलू क्या हैं?

बायो-फोर्टिफाइड आलू एक नई किस्म है जिसे पारंपरिक खेती और आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी के माध्यम से विकसित किया गया है। इन आलुओं में सामान्य किस्मों की तुलना में अधिक आयरन होता है। इन्हें खासतौर पर स्वाद और उपज की गुणवत्ता बनाए रखते हुए पोषण बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। इस परियोजना का नेतृत्व पेरू स्थित इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP) कर रहा है।

भारत में बायो-फोर्टिफाइड फसलों का विस्तार

भारत के कई राज्यों—जैसे कर्नाटक, असम, ओडिशा और पश्चिम बंगाल—में पहले से ही विटामिन ए से भरपूर शकरकंद की खेती की जा रही है। अब, आयरन युक्त आलू की किस्मों को भी तैयार किया जा रहा है। पेरू की उच्च-आयरन वाली किस्में भारत की जलवायु परिस्थितियों में परीक्षण के लिए भेजी गई हैं।

आईसीएआर-सेंट्रल पोटैटो रिसर्च इंस्टीट्यूट (CPRI), शिमला और CIP मिलकर इन आलू किस्मों के मूल्यांकन में जुटे हैं। इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश के आगरा में CIP दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किया जा रहा है, जो विश्व का सबसे बड़ा आलू उत्पादक क्षेत्र है।

भारत में जारी अन्य बायो-फोर्टिफाइड फसलें

आईसीएआर ने अब तक 61 फसलों में पोषक तत्वों से भरपूर बीज किस्में जारी की हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • 34 फील्ड फसलें (अनाज, दालें, मोटा अनाज, तिलहन)
  • 27 बागवानी फसलें (सब्जियां, कंद, औषधीय पौधे)

प्रमुख उदाहरण:

  • CR Dhan 416: लवणीयता प्रतिरोधी धान किस्म, कीट प्रतिरोधक गुणों सहित
  • ड्यूरम गेहूं: सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त; जिंक (41.1 ppm), आयरन (38.5 ppm), और 12% प्रोटीन युक्त

बायोफोर्टिफिकेशन क्या है?

बायोफोर्टिफिकेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें फसलों में विटामिन और खनिजों की मात्रा को पारंपरिक खेती, आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी या कृषि तकनीकों के माध्यम से बढ़ाया जाता है। यह "छिपी भूख" को दूर करने और करोड़ों लोगों की पोषण सुरक्षा बढ़ाने का एक सस्ता और स्थायी तरीका है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उद्देश्य प्रश्न

Q.1. भारत में आयरन युक्त बायो-फोर्टिफाइड आलू किस अंतरराष्ट्रीय संगठन के सहयोग से पेश किए जा रहे हैं?

a) विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)
b) इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट
c) इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP)

उत्तर: c) इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP)

Q.2. CIP का दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र किस भारतीय राज्य में स्थापित किया जा रहा है?

a) पंजाब
b) उत्तर प्रदेश
c) बिहार

उत्तर: b) उत्तर प्रदेश

Q.3. भारत में बायो-फोर्टिफाइड आलू पेश करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a) आलू के निर्यात को बढ़ाना
b) आयरन की कमी और छिपी भूख से लड़ना
c) फसल उत्पादन की गति बढ़ाना

उत्तर: b) आयरन की कमी और छिपी भूख से लड़ना

Q.4. आईसीएआर द्वारा विकसित वह धान किस्म कौन-सी है जो लवणीयता और कीटों के प्रति प्रतिरोधक है?

a) CR Dhan 416
b) बासमती 370
c) IR64

उत्तर: a) CR Dhan 416

Q.5. बायो-फोर्टिफाइड ड्यूरम गेहूं में आयरन की मात्रा कितनी है?

a) 25.3 ppm
b) 38.5 ppm
c) 42.0 ppm

उत्तर: b) 38.5 ppm

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