किसी भी फसल को सफलतापूर्वक उगाने के लिए सबसे पहला कदम है — गुणवत्तायुक्त और स्वस्थ बीज। परन्तु केवल अच्छे बीज चुनना ही काफी नहीं है। बीजों पर उपलब्ध रोगजनक, मिट्टी संबंधित कीट अथवा पर्यावरणीय दबाव अंकुरण तथा प्रारम्भिक वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए बीजों का उपचार (Seed treatment) करना आवश्यक है ताकि बीज सुरक्षित रहे, बेहतर अंकुरण हो..
भारत इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP) की मदद से आयरन युक्त बायो-फोर्टिफाइड आलू पेश कर रहा है ताकि छिपी भूख और कुपोषण से प्रभावी रूप से लड़ा जा सके। यह पोषक तत्वों से समृद्ध आलू विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों में आयरन की कमी को कम करने का प्रयास है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।