व्योममित्र: गगनयान मिशन के लिए ISRO का एआई अर्ध-मानव रोबोट

ISRO के गगनयान मिशन में एक अनोखा सदस्य शामिल है — व्योममित्र, एक अर्ध-मानव रोबोट जिसे सिस्टम की जांच, सुरक्षा निगरानी और अंतरिक्ष यात्रियों की सहायता के लिए बनाया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित संचार और नियंत्रण क्षमताओं के साथ, व्योममित्र एक परीक्षण विषय और अंतरिक्ष साथी दोनों की भूमिका निभाता है, जिससे भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन अधिक सुरक्षित बनता है।

इसरो ने एचएएल को सौंपी SSLV तकनीक – भारत के अंतरिक्ष उद्योग का नया अध्याय

इसरो ने अपनी SSLV तकनीक एचएएल को ट्रांसफर कर दी है, जो भारत के अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक बड़ा कदम है। इससे स्वतंत्र उत्पादन और वैश्विक बाजार विस्तार का रास्ता खुलता है।

भारत के नाम नौ बड़े अंतरिक्ष विश्व रिकॉर्ड - और आगे और भी लक्ष्य

इसरो ने चंद्रमा पर जल-अणुओं की खोज, मंगल ऑर्बिटर की सफलता और चंद्रयान-3 की दक्षिण ध्रुव पर लैंडिंग सहित अंतरिक्ष अन्वेषण में नौ विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं।

भारत का दूसरा स्पेसपोर्ट – इसरो का कुलसेकरपट्टिनम दिसंबर 2026 तक तैयार

इसरो का आगामी कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट (तमिलनाडु) दिसंबर 2026 तक तैयार होगा। यह छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) के तेज़ और कुशल प्रक्षेपण को सक्षम बनाएगा और भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं का विस्तार करेगा।

ISRO का गगनयान मिशन: एयर ड्रॉप टेस्ट और भविष्य के लक्ष्य

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है, जिसने पहला एकीकृत एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-01) सफलतापूर्वक आयोजित किया। 24 अगस्त, 2025 को किए गए इस परीक्षण ने पैराशूट-आधारित मंदी प्रणाली को मान्य करने में एक महत्वपूर्ण कदम चिह्नित किया, जो क्रू मॉड्यूल के पुन: प्रवेश और लैंडिंग के दौरान क्रू सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

इसरो का ब्लूबर्ड उपग्रह अमेरिकी स्काईफ्रंट लैब्स के सहयोग से लॉन्च के लिए तैयार

भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो एक प्रमुख उपग्रह लॉन्च की तैयारी कर रही है जिसका नाम है ब्लूबर्ड। इस बार इसे अमेरिकी वैज्ञानिकों और एक निजी अमेरिकी कंपनी का सीधा समर्थन प्राप्त है। इसका उद्देश्य है — अधिक सटीक पृथ्वी अवलोकन और बाढ़, फसल हानि तथा शहरी प्रदूषण जैसी वास्तविक समस्याओं का तेज़ी से समाधान।

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पहला विस्तृत भूवैज्ञानिक मानचित्र: भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि

भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है — चंद्रयान-3 मिशन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पहला विस्तृत भूवैज्ञानिक मानचित्र तैयार किया गया है। यह मानचित्र चंद्रमा की सतह की संरचना, क्रेटरों की स्थिति, स्थलाकृति और भूवैज्ञानिक इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

मिशन NISAR: प्रक्षेपण से जीवनरक्षा तक

उलटी गिनती शुरू हो चुकी है ISRO के इस दशक के सबसे शांत लेकिन अहम मिशन के लिए। चाँद की चकाचौंध को भूल जाइए – NISAR का लक्ष्य है पूरा ग्रह।

ISRO से फ्री में कीजिए AI और मशीन लर्निंग कोर्स, आज ही करें रजिस्ट्रेशन

ISRO (Indian Space Research Organisation) and the Institute of Remote Sensing (IIRS) have announced a five-day online course on Artificial Intelligence (AI) and Machine Learning (ML). Students can register for this course at elearning.iirs.gov.in/edusatregistration.