क्या मनुष्य मंगल ग्रह पर जीवित रह सकते हैं? यह सवाल वर्षों से वैज्ञानिकों को परेशान करता रहा है। अब, अंतरिक्ष में मानव मिशन को लेकर भारत ने ISRO के HOPE (ह्यूमन आउटर प्लैनेटरी एक्सप्लोरेशन) मिशन के माध्यम से लद्दाख की ऊँचाई वाले इलाके में मंगल जैसी परिस्थितियों का अनुकरण कर इस सवाल का जवाब खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो एक प्रमुख उपग्रह लॉन्च की तैयारी कर रही है जिसका नाम है ब्लूबर्ड। इस बार इसे अमेरिकी वैज्ञानिकों और एक निजी अमेरिकी कंपनी का सीधा समर्थन प्राप्त है। इसका उद्देश्य है — अधिक सटीक पृथ्वी अवलोकन और बाढ़, फसल हानि तथा शहरी प्रदूषण जैसी वास्तविक समस्याओं का तेज़ी से समाधान।
Microsoft ने क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है - Majorana 1 नामक एक नया क्वांटम चिप लॉन्च करके। यह चिप टोपोलॉजिकल क्यूबिट्स (Topological Qubits) का उपयोग करता है, जो पारंपरिक क्वांटम चिप्स की तुलना में अधिक स्थिर और त्रुटि-प्रतिरोधी होते हैं। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर क्वांटम कंप्यूटिंग को साकार बनाना है।
Microsoft ने Magma नामक एक अत्याधुनिक मल्टीमॉडल एआई मॉडल लॉन्च किया है, जो न केवल चित्रों और भाषा को समझ सकता है, बल्कि वास्तविक दुनिया में कार्य भी कर सकता है। यह एआई डिजिटल इंटरफेस को नेविगेट कर सकता है और रोबोटिक्स के माध्यम से शारीरिक क्रियाएं कर सकता है।
भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है — चंद्रयान-3 मिशन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव का पहला विस्तृत भूवैज्ञानिक मानचित्र तैयार किया गया है। यह मानचित्र चंद्रमा की सतह की संरचना, क्रेटरों की स्थिति, स्थलाकृति और भूवैज्ञानिक इतिहास के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।
उलटी गिनती शुरू हो चुकी है ISRO के इस दशक के सबसे शांत लेकिन अहम मिशन के लिए। चाँद की चकाचौंध को भूल जाइए – NISAR का लक्ष्य है पूरा ग्रह।
हमारा देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था, और उसी साल हमने पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया था। अगर हम इस दिन से गिनती करें, तो 1947 में पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। इसी तरह, 2024 में हम अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहे हैं। 15 अगस्त, 2024 को भारत अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा, जिसमें ब्रिटिश शासन से अपनी आजादी के लिए लड़ने वाले...
केंद्रीय रेल मंत्रालय अपनी स्वदेशी टक्कर रोधी प्रणाली 'कवच 4.0' के नवीनतम संस्करण की तैनाती के लिए तैयार है। इस योजना के तहत, इस साल 20,000 इंजनों में इसे स्थापित करने के लिए निविदाएं जारी की जाएंगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में एक सिस्टमैटिक तरीके से कवच सिस्टम का विकास किया जा रहा है। 17 जुलाई को हर भौगोलिक स्थिति में 'कवच 4.0' के काम करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
सीडैक पटना ने बिहार के पहले सुपर कंप्यूटर 'परम बुद्ध' का निर्माण करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस आधुनिक एआई-सक्षम कंप्यूटर को 4.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। परम बुद्ध का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शोध को सरल और प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा।
आज के तेजी से बदलते शैक्षिक माहौल में, एआई टूल्स का उपयोग छात्रों के कार्यों को प्रबंधित करने, सीखने के परिणामों में सुधार करने, और उनकी पढ़ाई को सुव्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण अंतर ला सकता है। चाहे वह असाइनमेंट का आयोजन हो, उत्पादकता बढ़ाना हो, या शोध में मदद करना हो, एआई टूल्स शिक्षा क्षेत्र में अपरिहार्य होते जा रहे हैं। यहां उन शीर्ष 11 एआई टूल्स पर एक विस्तृत नज़र डाली गई है, जिनका हर छात्र
यह लेख उन 15 साहसी महिलाओं की वीर गाथाओं को समर्पित है जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिनमें रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू, अरुणा आसफ अली और अन्य शामिल हैं। उनकी बहादुरी और बलिदान की कहानियाँ हमें प्रेरित करती हैं और भारत की आज़ादी में उनके अविस्मरणीय योगदान की याद दिलाती हैं।
ISRO (Indian Space Research Organisation) and the Institute of Remote Sensing (IIRS) have announced a five-day online course on Artificial Intelligence (AI) and Machine Learning (ML). Students can register for this course at elearning.iirs.gov.in/edusatregistration.