इसरो ने एचएएल को सौंपी SSLV तकनीक – भारत के अंतरिक्ष उद्योग का नया अध्याय

इसरो ने अपनी SSLV तकनीक एचएएल को ट्रांसफर कर दी है, जो भारत के अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक बड़ा कदम है। इससे स्वतंत्र उत्पादन और वैश्विक बाजार विस्तार का रास्ता खुलता है।

भारत का दूसरा स्पेसपोर्ट – इसरो का कुलसेकरपट्टिनम दिसंबर 2026 तक तैयार

इसरो का आगामी कुलसेकरपट्टिनम स्पेसपोर्ट (तमिलनाडु) दिसंबर 2026 तक तैयार होगा। यह छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) के तेज़ और कुशल प्रक्षेपण को सक्षम बनाएगा और भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं का विस्तार करेगा।