ISRO के गगनयान मिशन में एक अनोखा सदस्य शामिल है — व्योममित्र, एक अर्ध-मानव रोबोट जिसे सिस्टम की जांच, सुरक्षा निगरानी और अंतरिक्ष यात्रियों की सहायता के लिए बनाया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित संचार और नियंत्रण क्षमताओं के साथ, व्योममित्र एक परीक्षण विषय और अंतरिक्ष साथी दोनों की भूमिका निभाता है, जिससे भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन अधिक सुरक्षित बनता है।
इसरो ने अपनी SSLV तकनीक एचएएल को ट्रांसफर कर दी है, जो भारत के अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक बड़ा कदम है। इससे स्वतंत्र उत्पादन और वैश्विक बाजार विस्तार का रास्ता खुलता है।
उलटी गिनती शुरू हो चुकी है ISRO के इस दशक के सबसे शांत लेकिन अहम मिशन के लिए। चाँद की चकाचौंध को भूल जाइए – NISAR का लक्ष्य है पूरा ग्रह।