धरती से बाहर गए बिना अंतरिक्ष के लिए प्रशिक्षण की कल्पना कीजिए। यही काम इसरो लद्दाख में अपने HOPE मिशन के साथ कर रहा है। 14,000 फीट से अधिक ऊँचाई पर स्थित यह एनालॉग प्रयोग भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष जैसी चुनौतियों—एकाकीपन, ठंड, पतली हवा—से गुज़ारता है, ताकि आने वाले गगनयान मिशन की तैयारी की जा सके। यह एक साहसिक रिहर्सल है जो सपनों को वास्तविक तैयारी से जोड़ती है। तैयार हैं गहराई में उतर
क्या आपने कभी सोचा है कि पृथ्वी सामान्य से तेज घूम सकती है? 5 अगस्त को वैज्ञानिकों ने एक दुर्लभ और रहस्यमय घटना देखी – हमारी पृथ्वी ने सामान्य गति से तेज़ घूमकर एक दिन पूरा किया। यह कोई साइंस फिक्शन नहीं, बल्कि परमाणु घड़ियों और पृथ्वी के रोटेशन को मापने वाली प्रणालियों से मापी गई सच्ची घटना है।