चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। कर्नाटक के कोलार जिले की 38 वर्षीय महिला को एक अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह एंटीजन के साथ पहचाना गया है, जिसे अब आधिकारिक तौर पर CRIB नाम दिया गया है। यह खोज वैश्विक रक्त स्थानांतरण अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करती है।